Raisen (मध्य प्रदेश) में नवंबर की आम फसल समस्याएँ
पिछले सालों में इसी महीने किसानों ने किसान कॉल सेंटर (KCC) से क्या पूछा — और KCC के कृषि सलाहकारों ने क्या जवाब दिया। समस्या आने से पहले तैयारी करें।
नवंबर: 8 आम समस्याएँ
किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर Raisen के किसानों के 24,637 सवालों से बना (जनवरी 2022 – 29 जुलाई 2025)। सरकारी स्रोत में 29 जुलाई 2025 के बाद के सवाल अभी नहीं आए हैं; नए सवाल आते ही यहाँ ताज़ा बदलाव भी दिखेंगे। स्रोत: data.gov.in (नई टैब में खुलेगा)
इस महीने की आम समस्याएँ
- खेती का तरीका
गेहूँ · उन्नत किस्म
फसल से जुड़े हर 100 में 16 सवाल · हर साल इस महीने लगभग 36 फ़ोन · आम महीनों से 5 गुना ज़्यादा
सवालfarmer want to know information about varieties of irrigated wheat?
KCC का जवाबपूसा तेजस (HI-8759), पूसा उजाला ,एम.पी. 1142, एच.आई. 1077, जी.डब्ल्यू 273, जी.डब्ल्यू 322, जी.डब्ल्यू 190, राज 1555, एच.डी. 4530, एच.आई. 8498, एच.आई 8381, जे.डब्ल्यू 1106, सुधा खेती के तहत लोकप्रिय किस्में हैं.आप इन्हें लगा सकते हैं
मध्य प्रदेश में 1,091 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 19 अक्टूबर 2024सवालfarmer want to know information about varieties of irrigated wheat crop?
KCC का जवाबगेहू की नई किस्म :- HI 8823 (पूसा प्रभात ):- उपज :-40-42 क्विंटल प्रति हैक्टर, सिंचाई 2-3 , अन्य :- सूखा और गर्मी के प्रति सहनशील है, परिपक्वता: -130- 135 दिन HI 1633 (Pusa Vani) :- उपज :-40-50 क्विंटल प्रति हैक्टर, सिंचाई :- 3 - 4, अन्य :- चपाती हेतु उपयुक्त किस्म है HI-1636 (पूसा वकुला ):- उपज :-60-65 क्विंटल प्रति हैक्टर, सिंचाई :- 4-5 , अन्य :- अन्य :-रोटी बनाने के लिए उपयुक्त, परिपक्वता:- यह किस्म 118 -125 दिन में पकती है। JW 513 :- उपज:- 60 - 65 क्विंटल प्रति हैक्टर उपज, सिंचाई :- 4 से 5 DBW-222 (करन नरेंद्र ):- उपज :- 65 -70 कुंतल प्रति हेक्टेयर , परिपक्वता :- 135 दिन का है, सिंचाई:- 3-4 , अन्य :-रोटी बनाने के लिए उपयुक्त करण वंदना (DBW 187):- उपज :-65-70 क्विंटल प्रति हैक्टर, सिंचाई…
मध्य प्रदेश में 884 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 15 दिसंबर 2024सवालFarmer wants to know information about varieties of Irrigated wheat ?
KCC का जवाबसिंचित अवस्था के लिए गेहू की किस्मे जे.डब्ल्यू ११४२, एच.आई. १०७७, जी.डब्ल्यू २७३, जी.डब्ल्यू ३२२, जे.डब्ल्यू १२१५, एच.डी. ४५३०, एच.डी. ३२२६, एच.आई. ८४९८ (मालवासक्ति), एच.आई ८३८१, एमपीऔ ११०६ (सुधा), एच.आई ८६६३ (पोशन), डीबीडबल्यू 303 (करण वैष्णवी), एच आई-८७५९ (पूसा तेजस), श्रीराम 111, श्रीराम 303 खेती के तहत लोकप्रिय किस्में हैं
मध्य प्रदेश में 853 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 1 दिसंबर 2024सवालFarmer wants to know information about varieties of irrigated wheat crop?
KCC का जवाबसिंचित अवस्था मैं आप गहुँ की एम.पी. ११४२ , एच.आई. १०७७ , जी.डब्ल्यू २७३ , जी.डब्ल्यू ३२२ , जी.डब्ल्यू १९०, राज १५५५ , एच.डी. ४५३० , एच.आई. ८४९८ , एच.आई ८३८१ , जे.डब्ल्यू ११०६, सुधा खेती के तहत लोकप्रिय किस्में हैं.आप इन्हें लगा सकते हैं
मध्य प्रदेश में 522 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 25 नवंबर 2023
- पोषण
गेहूँ · खाद और पोषण
फसल से जुड़े हर 100 में 16 सवाल · हर साल इस महीने लगभग 36 फ़ोन · आम महीनों से 2.8 गुना
सवालFarmer wants to know information about fertilizer schedule in wheat?
KCC का जवाबगेहू में सामान्य दशा में निम्नलिखित मात्र में उर्वरक प्रयोग करें। बुआई से पूर्व उरबरक 210 किलो यूरिया एवं 130 किलो डी.ए.पी. और 67 किलो मुरेट ऑफ पोटाश प्रति हेकटेयर की दर से उपयोग करे |यूरिआ की आधी मात्रा बुवाई के पूर्व और आधी मात्रा बुवाई के बाद दो भाग में बात कर पहली और दूसरी सिंचाई पर दे
मध्य प्रदेश में 2,479 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 16 दिसंबर 2024सवालFarmer wants to know information about fertilizer dose for wheat crop?
KCC का जवाबगेहू की फसल के लिए संतुलित उर्वरक की मात्रा यूरिया २१० किलोग्राम, डीएपी १३० किलोग्राम, पोटाश ६७ किलोग्राम तथा २५ किलोग्राम जिंकसल्फेट जिसमे यूरिया की एक तिहाई या आधी मात्रा तथा अन्य उर्वरक की पूरी मात्रा बुवाई से पूर्व प्रति हक्टेयर की दर से भुरकाव करे।
मध्य प्रदेश में 969 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 17 जुलाई 2025सवालFarmer wants to know information about Fertilizer dose in Wheat crop?
KCC का जवाबगेहू में बुआई से पूर्व उर्वरक 210 किलो यूरिया एवं 130 किलो डी.ए.पी. और 67 किलो मुरेट ऑफ पोटाश प्रति हेकटेयर की दर से उपयोग करे | यूरिआ की आधी मात्रा बुवाई के पूर्व और आधी मात्रा बुवाई के बाद दो भाग में बाट कर पहली और दूसरी सिंचाई पर 50-55 किलो यूरिया प्रति हैक्टर उपयोग करे गेहू में बुआई से पूर्व उरबरक 217 किलो यूरिया एवं 375 किलो SSP और 67 किलो मुरेट ऑफ पोटाश प्रति हैक्टर की दर से उपयोग करे | यूरिआ की आधी मात्रा बुवाई के पूर्व और आधी मात्रा बुवाई के बाद दो भाग में बाट कर पहली और दूसरी सिंचाई पर दे
मध्य प्रदेश में 795 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 2 फ़रवरी 2025सवालFarmer wants to know information about fertilizer dose in Wheat crops?
KCC का जवाब-- आप गेंहू की सिंचित फसल में नाइट्रोजन 100 किलो ,फास्फोरस 60 किलो,पोटास 40 किलो प्रति हेक्टर डाल सकते है (इसकी पूर्ति यूरिया 167 किलो ,डी.ए पी. 130 किलो ,म्यूरेट ऑफ़ पोटास 67 किलो/हेक्टर)
मध्य प्रदेश में 436 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 24 दिसंबर 2024
- खेती का तरीका
गेहूँ · सिंचाई
फसल से जुड़े हर 100 में 4 सवाल · हर साल इस महीने लगभग 9 फ़ोन · आम महीनों से 2.8 गुना
सवालfarmer want to know information about WATER MANAGEMENT in wheat?
KCC का जवाबगेहू में फसल में 4 - 6 सिंचाई आवश्यकता है जो कि मिट्टी के प्रकार और वर्षा पर निर्भर करता है. गेहूं की फसल को निम्नलिखित महत्वपूर्ण चरणों में न्यूनतम 5 सिंचाई की आवश्यकता है. 1- शीर्ष जड़ अवस्था: 20-25 दिन बाद 2- कल्ले बनने की अवस्था : 40-45 दिन बाद 3- गभोट की अवस्था: 60-65 दिन बाद 4- फूल बनने की अवस्था : 80-85 दिन बाद 5-दूध अवस्था:- 100-105 दिन बाद 6-दाने भरने की अवस्था 110-115 दिन बाद शीर्ष जड़ अवस्था: 20-25 दिन बाद और फूल बनने की अवस्था : 80-85 दिन बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण हैं. जल ठहराव अंकुरण के समय नहीं होना चाहिए.
मध्य प्रदेश में 715 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 18 मार्च 2025सवालFarmer wants to know information about water management of wheat crop?
KCC का जवाबकिसान भाई गेंहू की फसल ‘की 4-6 सिंचाई आवश्यकता होती है जो कि मिट्टी के प्रकार और वर्षा पर निर्भर करता है. गेहूं की फसल को निम्नलिखित महत्वपूर्ण चरणों में न्यूनतम 5 सिंचाई की आवश्यकता है. गेंहू की फसल में सिचाई की निम्न अवस्था होती हैं- पहली सिचाई:- बुवाई के 20-25 दिन बाद करते हैं। (क्राउन रूट, तजमूल अवस्था) दूसरी सिचाई:- बुवाई के 40-45 दिन बाद करते हैं। (कल्ले बनते समय) तीसरी सिचाई:- बुवाई के 60-65 दिन बाद करते हैं। (दीर्घ सन्धि, गांठ बनते समय) चौथी सिचाई:- बुवाई के 80-85 दिन बाद करते हैं। (पुष्पावस्था) पाँचवीं सिचाई:- बुवाई के 100-105 दिन बाद करते हैं। (दुग्धावस्था) छठी सिचाई:- बुवाई के 115-120 दिन बाद करते हैं। (दाना भरते समय)
मध्य प्रदेश में 512 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 15 मार्च 2025सवालFarmer wants to know information about water management in wheat crop ?
KCC का जवाबफसल 4 की - 6 सिंचाई आवश्यकता है जो कि मिट्टी के प्रकार और वर्षा पर निर्भर करता है. गेहूं की फसल को निम्नलिखित महत्वपूर्ण चरणों में न्यूनतम 5 सिंचाई की आवश्यकता है. प्रथम - बुवाई के तुरंत बाद द्वितीय - शीर्ष जड़ अवस्था: 18-21 दिन बाद तीसरी- कल्ले बनने की अवस्था : 35-40 दिन बाद चतुर्थ- गभोट की अवस्था: 50-55 दिन बाद पंचम- फूल आने के पहले वाली अवस्था : 70-75 दिन बाद छटवी-दूध अवस्था 80-85 दिन बाद सातवी-दाने भरने की अवस्था 100-105 दिन बाद
मध्य प्रदेश में 379 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 28 फ़रवरी 2025सवालFarmer wants to know information about water management in wheat?
KCC का जवाबफसल में 4 - 6 सिंचाई आवश्यकता है जो कि मिट्टी के प्रकार और वर्षा पर निर्भर करता है. गेहूं की फसल को निम्नलिखित महत्वपूर्ण चरणों में न्यूनतम 5 सिंचाई की आवश्यकता है. प्रथम - बुवाई के तुरंत बाद द्वितीय - शीर्ष जड़ अवस्था: 15-20 दिन बाद तीसरी- कल्ले बनने की अवस्था : 35-40 दिन बाद चतुर्थ- गभोट की अवस्था: 50-55 दिन बाद पंचम- फूल बनने की अवस्था : 70-75 दिन बाद छटवी-दूध अवस्था 85-90 दिन बाद सातवी-दाने भरने की अवस्था 100-105 दिन बाद शीर्ष जड़ अवस्था: 15-20 दिन बाद और फूल बनने की अवस्था : 70-75 दिन बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण हैं. जल ठहराव अंकुरण के समय नहीं होना चाहिए.
मध्य प्रदेश में 350 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 8 फ़रवरी 2025
- पोषण
चना · खाद और पोषण
फसल से जुड़े हर 100 में 4 सवाल · हर साल इस महीने लगभग 9 फ़ोन · आम महीनों से 3 गुना ज़्यादा
सवालFarmer wants know information about fertilizer dose in Bengal Gram crop ?
KCC का जवाबकिसान भाई चने की फसल के लिए उर्वरक की अनुशंसित मात्रा डीएपी 130 किलोग्राम, पोटाश 33 किलोग्राम तथा 20-25 किलोग्राम सल्फर प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई से पहले खेत में मिला दे ।
मध्य प्रदेश में 198 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 2 दिसंबर 2024सवालFarmer wants to know information about Fertilizer dose in GRAM crop?
KCC का जवाबचने के लिए उर्वरक की मात्रा सिंचित अवस्था में DAP -130, पोटाश 33 किलो प्रति हक्टेयर।
मध्य प्रदेश में 173 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 3 दिसंबर 2024सवालFarmer want to know information about Fertilizer dose in bengal gram crop?
KCC का जवाबचने की फसल में निम्नलिखित मात्रा में उर्वरक प्रयोग करें। बुआई से पूर्व उर्वरक 130 किलो डी.ए.पी. और 20 किलोग्राम गंधक प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करे ।
मध्य प्रदेश में 140 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 19 नवंबर 2024सवालFarmer wants to know about fertilizer dose in irrigated Bengal gram crop?
KCC का जवाबसिंचित चने की फसल में 130 किलो डी.ए.पी और २५ किलो जिंक सल्फेट प्रति हेक्टेअर बुआई के समय देवें।
मध्य प्रदेश में 58 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 12 अक्टूबर 2024
- खेती का तरीका
चना · बीज उपचार
फसल से जुड़े हर 100 में 4 सवाल · हर साल इस महीने लगभग 9 फ़ोन · आम महीनों से 6 गुना ज़्यादा
सवालfarmer want to know information about seed treatment of gram?
KCC का जवाबचना में बुवाई से पूर्व बीज को 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा बिरडी या कार्बेन्डाजिम + केप्टान (1 + 2) 3 ग्राम उसके बाद थायोमेथोक्साम 70 डब्ल्यू पी 3 ग्राम और राईजोबियम कल्चर की 5 ग्राम. मात्रा प्रति किलो बीज की दर से उपचारित कर बोनी करें ध्यान रहे कभी भी रासायनिक दवाई को आपस में मिलकर छिड़काव न करे/
मध्य प्रदेश में 109 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 11 दिसंबर 2024सवालFarmer want to know information about seed treatment of Bengal gram?
KCC का जवाबचना या मसूर के बीज के उपचार लिए थायोफेनेट-मिथाइल 45% + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 5% (जेलोरा) एफ.एस @ 2-3 एम एल मात्रा या ट्राईकोडर्मा बिरडी की 5 ग्राम मात्रा पर किलोग्राम की दर से उपचारित करें और उसके बाद जैविक बीजोपचार राइजोबियम कल्चर की 20 ग्राम मात्रा तथा पीएसबी कल्चर की 10 ग्राम मात्रा पर किलोग्राम कि दर से उपचारित करें।
मध्य प्रदेश में 122 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 14 नवंबर 2024सवालFarmer wants to know information about seed treatment of bengal gram ?
KCC का जवाबचना या मसूर के बीज के उपचार लिए थायोफेनेट-मिथाइल 45% + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 5% एफएस (जेलोरा) @ 2-3 एमएल मात्रा या ट्राईकोडर्मा बिरडी की 5 ग्राम मात्रा पर किलोग्राम की दर से उपचारित करें और उसके बाद जैविक बीजोपचार राइजोबियम कल्चर की 20 ग्राम मात्रा तथा पीएसबी कल्चर की 10 ग्राम मात्रा पर किलोग्राम कि दर से उपचारित करें।
मध्य प्रदेश में 105 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 20 दिसंबर 2024सवालFarmer wants to know information about seed treatment of bengal gram crop ?
KCC का जवाबचने के बीज में बीज जनित रोगों की रोकथाम हेतु बीजोपचार आवश्यक हैं बोनी के पूर्व 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा बिरडी प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें । ट्राइकोडरमा बिरडी न मिलने पर कार्बोक्सिन 37.5 +थिराम 37.5 (vitavax power 75 डब्ल्यू.पी.) पेनफ्लेन 13.28% w / w +ट्राइफ्लोक्सिस्ट्रोबिन 13.28% डब्ल्यू / डब्ल्यू एफएस 65ml प्रति 100 किलो बीज के हिसाब से या थाइरम 2.5 - 3 ग्राम दवा ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचारित करें। ।
मध्य प्रदेश में 100 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 5 दिसंबर 2024
- खरपतवार
गेहूँ · खरपतवार नियंत्रण
फसल से जुड़े हर 100 में 4 सवाल · हर साल इस महीने लगभग 8 फ़ोन · आम महीनों से 2.9 गुना
सवालfarmer want to know information about weed MANAGEMENT in wheat crop ?
KCC का जवाबगेहूं में सकरी और छोड़ी पत्ती खरपतवार प्रबंधन के लिए Clodinafop Propargyl 15 % + Metsulfuron Methyl 1 % WP 160 ग्राम / एकड़ or 15 ग्राम/पंप स्प्रे करे
मध्य प्रदेश में 988 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 24 दिसंबर 2024सवालFarmer wants to know information about weed management in wheat crop?
KCC का जवाबगेहूं की फसल मे सकरी तथा चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए सुल्फोसल्फुरोन 75% + मेटसल्फुरान मिथाइल 5%डब्लू जी@ १६ ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से बुवाई के बाद २५-३० दिनों की अवस्था पर छिड़काव करना चाहिए.
मध्य प्रदेश में 1,079 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 23 दिसंबर 2024सवालFarmer needs information regarding control of weeds in wheat crop?
KCC का जवाबगेंहू की फसल में खरपतवार रोकथाम के लिए क्लॉडिनाफाप -प्रोपरजील 15% मेट्सल्फ़रॉन मिथाइल 1% WP की 160 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ के हिसाब से डाले
मध्य प्रदेश में 387 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 4 फ़रवरी 2025सवालFarmer needs information regarding control of weeds in wheat crops?
KCC का जवाबकिसान भाई गेंहू की फसल पे खरपतवारो के नियंत्रण के लिए सुल्फोसल्फुरोन 75% + मेटासल्फुरान मिथाइल 5% WG दवा की 16 ग्राम की मात्रा को प्रति एकड़ के हिसाब से बोनी के 30 से 35 दिनों की अवस्था पर छिड़काव करना चाहिए.
मध्य प्रदेश में 306 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 21 दिसंबर 2024
- खेती का तरीका
गेहूँ · बीज उपचार
फसल से जुड़े हर 100 में 4 सवाल · हर साल इस महीने लगभग 8 फ़ोन · आम महीनों से 8 गुना ज़्यादा
सवालFarmer needs information regarding seed treatment of wheat?
KCC का जवाबआपकी गेहू की फसल में फफूंद नाशक में कार्बेन्डाजिम एवं थायरम (1:2) 2.5 - 3 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज इसके बाद क्लोरोपाइरीफास 20 % ई.सी. 5 मि.ली. प्रति किलो बीज तथा इसके बाद एजेटोबेक्टर से 5 ग्राम प्रति किलो ग्राम के हिसाब से उपचारित करें।
मध्य प्रदेश में 253 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 15 दिसंबर 2024सवालFarmer want to know information about seed treatment of wheat crop?
KCC का जवाबगेंहू का बीज उपचार कार्बोक्सिन 37.5 +थिराम 37.5 (vitavax power 75 डब्ल्यू.पी.) या थाइरम 2.5 - 3 ग्राम दवा ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचारित करें इसके पष्चात् ।िमिडाक्लोरप्रिड 48% fs १-१.५ मि.ली प्रति किलो बीज या कीटनाशक दवा क्लोरोपाइरीफास 20 ई.सी. 400 मि.ली प्रति क्विंटल बीज के हिसाब से बीजोपचार करें। बुवाई पूर्व बीज को एजेटोबेक्टर 5-10ग्राम एवं पी.एस.बी. कल्चर 10-20 ग्राम प्रति किलो ग्राम के हिसाब से उपचारित करें।
मध्य प्रदेश में 138 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 22 नवंबर 2024सवालFarmer want to know information about seed treatment of wheat?
KCC का जवाबदीमक के नियंत्रण हेतु बीज को कीटनाशक दवा क्लोरोपाइरीफास 20 ई.सी. 400 मि.ली. 5 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति क्विंटल बीज के हिसाब से बीजोपचार करें। इसके पष्चात् कार्बोक्सिन (विटावेक्स 75 डब्ल्यू.पी.) या बेनोमिल (बेनलेट 50 डब्ल्यू.पी.) 1.5-2.5 या थाइरम 2.5 - 3 ग्राम दवा ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचारित करें। बुवाई पूर्व बीज को एजेटोबेक्टर 5-10ग्राम एवं पी.एस.बी. कल्चर 10-20 ग्राम प्रति किलो ग्राम के हिसाब से उपचारित करें।
मध्य प्रदेश में 78 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 3 दिसंबर 2024सवालFarmer want to know information about seed treatment of wheat seed?
KCC का जवाबकिसान भाई गेहूं के बीज उपचार के लिए कार्बोक्सिन 37.5% + थीरम 37.5% डब्लू एस 2.5-३ ग्राम (विटावेक्स 75 डब्ल्यूपी) इसके बाद इमिडाक्लोप्रिड 48FS (गाऊचो) का 5 एमएल मात्रा या थायामेथोक्जेम 78%डबल्यूजी 3 ग्राम मात्रा या क्लोरपाइरीफास 20 ईसी 5 एमएल मात्रा प्रति किलो बीज के हिसाब से बीजोपचार करे। इसके बाद एजेटोबेक्टर 10 ग्राम एवं पीएसबीकल्चर 10 ग्राम मात्रा प्रति किलो ग्राम बीज के हिसाब से उपचारित करें तथा ध्यान रखे की सबसे पहले फंजीसाइड फिर इंसेक्टिसाइड फिर एजोटोबैक्टर से उपचारित करे
मध्य प्रदेश में 90 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 25 नवंबर 2024
- खरपतवार
चना · खरपतवार नियंत्रण
फसल से जुड़े हर 100 में 4 सवाल · हर साल इस महीने लगभग 8 फ़ोन · आम महीनों से 4 गुना ज़्यादा
सवालFarmer wants to know information about weed management of bengal gram crop ?
KCC का जवाबचना की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए पेंडीमेथलीन 30% EC @ 2.5 लीटर दवा को 500 लीटर पानी में घोल बना कर प्रति हेक्टेयर या 100 मिली प्रति पंप बुआई के 3 दिनों के भीतर या बीज के अंकुरण होने से पहले छिड़काव करे I
मध्य प्रदेश में 43 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 25 नवंबर 2024सवालFarmer needs information regarding control of weeds in gram crop ?
KCC का जवाबआपकी चना फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए प्री एमेर्जेंस में बुबाई के बाद अंकुरण के पहले (0-3 दिन) की अवस्था में पेंडीमेथालीन 30%EC की 100 एम एल प्रति पंप या 1 लीटर प्रति एकर की दर से उपयोग कर सकते है|
मध्य प्रदेश में 73 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 8 दिसंबर 2024सवालFarmer needs information regarding control of weeds in . bengal gram crop ?
KCC का जवाबचने में खरपतवार नियंत्रण:- रसायनों द्वारा खरपतवार नियंत्रण हेतु पेन्डामेथिलीन (30% ई.सी.) 600 मिली खरपतवारनाशी को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति बीघा की दर से बुवाई के बाद तथा बीज अंकुरण होने से पहले एक समान छिड़काव करें तदोपरान्त प्रथम सिंचाई के बाद कसिये से एक बार गुड़ाई करना लाभदायक रहता है। बारानी क्षेत्रों में बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद तक निराई-गुड़ाई अवश्य करें। सिंचित चने में सिंचाई के बाद बत्तर आने पर एक निराई-गुड़ाई करें।
मध्य प्रदेश में 40 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 26 दिसंबर 2022सवालFarmer wants to know information about weed management in Bengal gram crop ?
KCC का जवाबचने की फसल में खरपतवार को नष्ट करने के लिए खरपतवार नाशक का उपयोग न करें निराई गुड़ाई करके खरपतवार को नष्ट करें!
मध्य प्रदेश में 61 बार पूछा गया · जवाब की तारीख 1 नवंबर 2024
कौन-सी समस्या किस महीने ज़ोर पकड़ती है
गहरा रंग = उस समस्या के सबसे ज़्यादा सवाल वाला महीना। हर पंक्ति अपनी ही सबसे ऊँची संख्या से तुलना है।
| समस्या | जन | फ़र | मार्च | अप्रै | मई | जून | जुला | अग | सित | अक्टू | नव | दिस |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| गेहूँ · खाद और पोषण | जनवरी: 100 | फ़रवरी: 58 | मार्च: 11 | अप्रैल: 0 | मई: 1 | जून: 1 | जुलाई: 2 | अगस्त: 1 | सितंबर: 3 | अक्टूबर: 31 | नवंबर: 88 | दिसंबर: 80 |
| धान · खाद और पोषण | जनवरी: 0 | फ़रवरी: 0 | मार्च: 1 | अप्रैल: 0 | मई: 9 | जून: 52 | जुलाई: 100 | अगस्त: 87 | सितंबर: 47 | अक्टूबर: 17 | नवंबर: 0 | दिसंबर: 1 |
| गेहूँ · उन्नत किस्म | जनवरी: 2 | फ़रवरी: 3 | मार्च: 0 | अप्रैल: 4 | मई: 3 | जून: 0 | जुलाई: 0 | अगस्त: 0 | सितंबर: 5 | अक्टूबर: 80 | नवंबर: 100 | दिसंबर: 30 |
| धान · फफूंद रोग | जनवरी: 0 | फ़रवरी: 0 | मार्च: 0 | अप्रैल: 0 | मई: 0 | जून: 7 | जुलाई: 13 | अगस्त: 44 | सितंबर: 100 | अक्टूबर: 48 | नवंबर: 0 | दिसंबर: 0 |
| गेहूँ · बढ़वार और फुटाव | जनवरी: 100 | फ़रवरी: 65 | मार्च: 0 | अप्रैल: 1 | मई: 0 | जून: 0 | जुलाई: 0 | अगस्त: 0 | सितंबर: 1 | अक्टूबर: 0 | नवंबर: 23 | दिसंबर: 80 |
| धान · खरपतवार नियंत्रण | जनवरी: 0 | फ़रवरी: 0 | मार्च: 0 | अप्रैल: 0 | मई: 2 | जून: 26 | जुलाई: 100 | अगस्त: 93 | सितंबर: 11 | अक्टूबर: 0 | नवंबर: 0 | दिसंबर: 0 |
| मूंग · उन्नत किस्म | जनवरी: 3 | फ़रवरी: 14 | मार्च: 100 | अप्रैल: 32 | मई: 3 | जून: 6 | जुलाई: 3 | अगस्त: 2 | सितंबर: 0 | अक्टूबर: 0 | नवंबर: 1 | दिसंबर: 2 |
| मूंग · बढ़वार और फुटाव | जनवरी: 0 | फ़रवरी: 0 | मार्च: 14 | अप्रैल: 100 | मई: 78 | जून: 4 | जुलाई: 0 | अगस्त: 0 | सितंबर: 0 | अक्टूबर: 0 | नवंबर: 0 | दिसंबर: 0 |
| मूंग · इल्ली / सुंडी | जनवरी: 0 | फ़रवरी: 0 | मार्च: 4 | अप्रैल: 90 | मई: 100 | जून: 36 | जुलाई: 0 | अगस्त: 0 | सितंबर: 0 | अक्टूबर: 0 | नवंबर: 0 | दिसंबर: 0 |
| धान · उन्नत किस्म | जनवरी: 0 | फ़रवरी: 1 | मार्च: 0 | अप्रैल: 3 | मई: 52 | जून: 100 | जुलाई: 10 | अगस्त: 1 | सितंबर: 3 | अक्टूबर: 6 | नवंबर: 1 | दिसंबर: 2 |
| मूंग · रस चूसक कीट | जनवरी: 0 | फ़रवरी: 0 | मार्च: 21 | अप्रैल: 100 | मई: 54 | जून: 11 | जुलाई: 0 | अगस्त: 0 | सितंबर: 0 | अक्टूबर: 0 | नवंबर: 0 | दिसंबर: 0 |
| धान · बढ़वार और फुटाव | जनवरी: 0 | फ़रवरी: 3 | मार्च: 0 | अप्रैल: 1 | मई: 0 | जून: 9 | जुलाई: 39 | अगस्त: 100 | सितंबर: 51 | अक्टूबर: 2 | नवंबर: 1 | दिसंबर: 0 |
मौसम और फसल की मुश्किलों पर गाइड
स्रोतों के साथ लिखे लेख: क्या जाँचें, क्या टालें और स्थानीय मदद कब लें।
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मध्य प्रदेश के दूसरे ज़िले
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