धान कटने के बाद अगली फसल चुनने का पहला सवाल “किसका भाव सबसे ज्यादा है?” नहीं, बल्कि “मेरे खेत में कौन-सा विकल्प पूरा किया जा सकता है?” होना चाहिए। खेत में बची नमी, पानी मिलने का भरोसा, जलनिकासी, कटाई में बचा समय, मजदूरी और बिक्री की व्यवस्था को एक साथ देखें। पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक फसल या एक बुवाई तारीख देना उपयोगी नहीं है।
पहले खेत की छोटी प्रोफाइल बनाएँ
अपने खेत के लिए ये छह बातें लिखें: धान की संभावित कटाई, मिट्टी का प्रकार, अभी की नमी, पानी रुकने की स्थिति, सिंचाई का स्रोत और अगली फसल के लिए उपलब्ध पैसा। सिंचाई “उपलब्ध” लिखने से पहले मोटर, बिजली, पानी की मात्रा, बारी और पानी पहुँचाने का खर्च भी जाँचें।
फिर स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र को खेत की तस्वीर और पिछली फसल की जानकारी दें। मिट्टी की जाँच हो तो रिपोर्ट साथ रखें। केवल गाँव का नाम बताने के बजाय खेत ऊँचा है या निचला, यह जानकारी भी काम की है।
किन विकल्पों पर चर्चा करें?
ICAR की छत्तीसगढ़ संबंधी जानकारी में धान के बाद चना और मसूर जैसे विकल्प तथा सिंचित परिस्थिति में धान-सब्ज़ी प्रणाली का उल्लेख है। यह संभावनाओं का आधार है; दिए गए पुराने क्षेत्रफल या किस्मों को वर्तमान अनुशंसा मानकर यहाँ दोहराया नहीं गया है।
- बची नमी और सीमित पानी वाला खेत: स्थानीय उपयुक्तता मिलने पर चना या मसूर जैसे दलहनी विकल्पों की चर्चा करें। खेत की नमी, बुवाई तकनीक और फसल अवधि की पुष्टि जरूरी है।
- भरोसेमंद सिंचाई वाला खेत: गेहूँ सहित स्थानीय अनुशंसित रबी विकल्पों के लिए पूरे सीज़न का पानी और लागत लिखें। पहली सिंचाई का इंतजाम पूरी फसल की जरूरत का प्रमाण नहीं है।
- पानी, श्रम और खरीदार उपलब्ध हों: सब्ज़ियों का छोटा क्षेत्र पर परीक्षण विचार में आ सकता है। नियमित तुड़ाई, छँटाई, पैकिंग और माल उठाने की व्यवस्था पहले देखें।
- पानी रुका हो या खेत देर से खाली हो: विकल्प और समय सीमा स्थानीय विशेषज्ञ से फिर तय करें। कैलेंडर पूरा करने के लिए अनुपयुक्त खेत में जल्दबाजी न करें।
अवशिष्ट नमी क्यों चर्चा का विषय है?
धान के बाद खाली रहने वाले खेतों में अगली फसल का सवाल बची मिट्टी-नमी से जुड़ा है। रायपुर में हुए rice-fallow शोध ने धान-चना प्रणाली और नमी संरक्षण के संदर्भ में मिट्टी के गुणों का अध्ययन किया। उस शोध को अपने खेत में समान उपज का वादा न समझें।
व्यावहारिक बातचीत यह होनी चाहिए: खेत कितनी देर में खाली होगा, नमी का आकलन कैसे करेंगे, उपलब्ध मशीन कौन-सी है और स्थानीय अनुशंसित बुवाई प्रणाली क्या है? उतेरा या पैरा जैसी प्रणाली में रुचि हो तो बीज फैलाने की तारीख और मात्रा स्वयं अनुमान से तय न करें; स्थानीय तकनीकी सलाह लें।
सबसे ऊँचे भाव की जगह पूरा हिसाब
दो या तीन विकल्प चुनकर हर एक में बीज, खेत तैयारी, पोषण, सिंचाई, मजदूरी, कटाई और बिक्री का अनुमान अलग लिखें। उत्पादन की निश्चित भविष्यवाणी न करें। अपने पिछले अनुभव या स्थानीय विश्वसनीय जानकारी के आधार पर कमजोर, सामान्य और बेहतर परिस्थिति का हिसाब बनाएँ।
सब्ज़ी के विकल्प में केवल प्रति क्विंटल भाव देखकर तुलना अधूरी रहती है। बार-बार तुड़ाई और ढुलाई, न बिकने वाली मात्रा तथा भुगतान का समय भी जोड़ें। छत्तीसगढ़ के मंडी भाव में उपलब्ध रिकॉर्ड की तारीख देखें और बीज खरीदने से पहले स्थानीय खरीदार से मांग पूछें। रिकॉर्ड पिछली बिक्री की जानकारी है, अगली फसल का अनुबंध नहीं।
KVK से पूछने के लिए पाँच सवाल
- इस खेत और उपलब्ध पानी में कौन-से दो विकल्प व्यावहारिक हैं?
- मौजूदा कटाई समय के अनुसार अनुशंसित बुवाई अवधि और किस्म क्या है?
- पानी कम पड़े तो कौन-सी अवस्था सबसे संवेदनशील होगी और क्या विकल्प है?
- कौन-सी स्थानीय समस्या के लिए खेत की जाँच या मिट्टी परीक्षण चाहिए?
- छोटी शुरुआत के लिए कितना क्षेत्र और कौन-सी उपलब्ध मशीन उचित होगी?
ICAR-CRIDA के district contingency plans में मिट्टी, सिंचाई, बुवाई अवधि और मौसम की अलग परिस्थितियों का संदर्भ मिल सकता है। स्थानीय KVK की वर्तमान सलाह के साथ इसका उपयोग करें।
धान की कटाई अभी बाकी हो तो बारिश से पहले तैयारी साथ करें। सब्ज़ी विकल्प चुन रहे हों तो टमाटर में मंडी और ढुलाई की तुलना समझें। फसल का चुनाव तभी पूरा मानें जब खेती के साथ पानी, काम करने वाले लोग और बिक्री की व्यवस्था भी लिखी हो।


